
पंजाब कैबिनेट की इमरजेंसी मीटिंग में SYL पर मंथन
बता दें कि कल सुप्रीम कोर्ट ने SYL नहर पर पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई थी। SC ने कहा था कि पंजाब सरकार इस मामले में राजनीति न करे। वह सुप्रीम कोर्ट को सख्त आदेश देने के लिए मजबूर न करे। पंजाब सरकार कानून से ऊपर नहीं है।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कैबिनेट के फैसलों की ब्रीफिंग करते हुए कहा कि मीटिंग चर्चा हुई कि पंजाब के पास एक बूंद भी पानी की अतिरिक्त नहीं है। जब पंजाब के पास पानी है ही नही है तो फिर दिया कहां से जाएगा। उन्होंने कहा की कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि एक भी बूंद पानी किसी दूसरे राज्य को नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा की कोर्ट के फैसले की कापी आने के बाद फैसला लिया जाएगा कि विशेष विधानसभा सत्र बुलाया जाएगा या फिर पानी को बचाने के लिए कोई और रास्ता अख्तियार किया जाएगा। लेकिन यह तय है कि सरकार और पार्टी पंजाब के पानी को बचाने के लिए अपने स्टैंड पर कायम है।
कैबिनेट मीटिंग में एडवोकेट जनरल विनोद घई का इस्तीफा मंजूर कर गुरमिंदर सिंह गैरी को नया एडवोकेट जनरल लगाया गया है। कैदियों की रिहाई और राजस्व विभाग में सोशल सिक्योरिटी के तहत 3 प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई है। GST को लेकर काउंसिल ने को संशोधन किए थे उन्हें परवानगी दी गई है।
मानसून सत्र पर फैसला एक-दो दिन में
हरपाल चीमा ने पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र कहा कि एक दो दिनों फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा की मानसून सत्र अभी पेंडिंग है। विधानसभा अध्यक्ष अभी विदेश में हैं। उनके आते ही डेट तय कर दी जाएगी।








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