अमृतपाल सिंह के खिलाफ हुई कार्यवाही पर लंदन में हुआ था हिंसक प्रदर्शन, अब NIA जल्द ही लंदन जा कर करेगी जांच

अमृतपाल सिंह के खिलाफ हुई कार्यवाही पर लंदन में हुआ था हिंसक प्रदर्शन, अब NIA जल्द ही लंदन जा कर करेगी जांच

 

 

अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई के खिलाफ लंदन में भारतीय उच्चायुक्त के बाहर खालिस्तानी समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था, इस प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ भी की गई थी. जिसके बाद हाई कमीशन की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया था.

 

नई दिल्ली. खालिस्तानी समर्थक और वारिस पंजाब दे के मुखिया अमृतपाल सिंह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में दुनिया के कई देशों में भारतीय उच्चायुक्तों के ऑफिसों के बाहर प्रदर्शन किया गया था. कुच जगहों पर खालिस्तानी समर्थकों ने तोड़फोड़ भी की थी. इसी मामले में नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) की एक टीम जल्द ही लंदन की यात्रा करेगी.

लंदन में भी भारतीय उच्चायुक्त के दफ्तर के बाहर पिछले महीने खालिस्तानी समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था. यहां पर प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ भी की गई थी. इसी मामले में एनआईए की टीम जांच करने के लिए जा रही है. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने ब्रिटेन की यात्रा के दौरान कुछ लोगों से बात की थी और उनके स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किए थे.

पिछले हफ्ते ही केंद्रीय गृहमंत्रालय ने एनआईए को इस जांच को करने का आदेश दिया है. इससे पहये यह मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के जिम्मे था. भारत ने ब्रिटेन के साथ बातचीत करके भारतीय उच्चायुक्त के दफ्तर के बाहर हुई तोड़फोड़ पर चिंता जाहिर की थी.

भारत ने ब्रिटेन के साथ बातचीत में दावा किया था कि खालिस्तानी एक्टिविस्ट भारत में दहशत फैलाने वाली गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं. लंदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय उच्चायुक्त के दफ्तर पर लगे तिरंगे के उतार कर खालिस्तानी झंडा लगाया गया था और खालिस्तान समर्थित नारे लगाए गए थे.

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गैर कानूनी एक्टिविटीज एक्ट, और सामाजिक संपत्ति को नुकासन पहुंचाने के मामलों के तहत FIR दर्ज की गई है. FIR के बाद ही मामले में जांच शुरू की गई है.

ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर को भी केंद्र की ओर से समन भेजा गया था. केंद्र ने उच्चायुक्त से जानकारी की मांग की है कि जिस वक्त विरोध प्रदर्शन हो रहा था उस वक्त सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे. इस पर विस्तृत जानकारी की मांग की है. ब्रिटिश हाई कमिश्नर अलेक्स इलिस ने भारत को इस पर जवाब देते हुए कहा है कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और अपमानजनक है.

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