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हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर का 350वां शहादत समागम वर्ष, नांदेड में भव्य कार्यक्रम का आयोजन

हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर का 350वां शहादत समागम वर्ष, नांदेड में भव्य कार्यक्रम का आयोजन

नांदेड में 24-25 जनवरी को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत समागम का भव्य आयोजन है. ‘हिंद दी चादर’ गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म, राष्ट्र और मानवता के लिए प्राण अर्पण किए थे. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सिख, बंजारा सहित नौ समाज एकत्रित होंगे, लाखों श्रद्धालु गुरु जी के त्याग और बलिदान का संदेश देश-विदेश तक पहुंचाएंगे.

हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर का 350वां शहादत समागम वर्ष, नांदेड में भव्य कार्यक्रम का आयोजन

गुरू तेग बहादुर

सिख धर्म के नौवें गुरु, हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत समागम वर्ष के अवसर पर नांदेड में 24 और 25 जनवरी को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस ऐतिहासिक अवसर पर सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, सिंधी, मोहयाल, वाल्मीकि, भगत नामदेव और उदासी ऐसे नौ समाज-संप्रदाय नांदेड में एकत्रित होने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्री गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, बलिदान और मानवता के लिए दिए गए शहादत के इतिहास को देश-विदेश तक पहुंचाना है.

धर्म, राष्ट्र और मानवता के लिए अपने प्राण अर्पण करने वाले महापुरुष इतिहास में सदैव अमर रहते हैं. ऐसे तेजस्वी व्यक्तित्वों के जीवन से मानवता का प्रकाश फैलता है. उन्हीं अमर गाथाओं में से एक प्रेरणादायी कथा हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की है, जिन्हें संपूर्ण विश्व भारतभूमि के रक्षक के रूप में स्मरण करता है.

धर्मांतरण का बनाया था दबाव

धर्म-स्वतंत्रता, न्याय और सहिष्णुता की रक्षा के लिए दिया गया उनका बलिदान भारतीय संस्कृति का एक अतुलनीय अध्याय है. मुगल बादशाह औरंगजेब के आदेश पर उन्हें आगरा में बंदी बनाकर दिल्ली लाया गया, जहां उन पर धर्मांतरण का दबाव डाला गया. किंतु उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता करने से इंकार कर दिया. वर्ष 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक स्थित शीशगंज में उनका शीशच्छेद किया गया.

इस कार्यक्रम के अवसर पर नांदेड में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है. अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ विभाग की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने अपने संदेश के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी को अभिवादन करते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यक्रम में सहभागी होने का आह्वान किया है.